जाने ताजमहल भारत में क्यों है इतना प्रसिद, क्या है इसका राज

ताजमहल एक खूबसूरत स्‍मारक है। इसे केवल पर्यटन स्‍थल के रूप में देखना सही नहीं होगा, बल्कि यह वो इमारत है, जो मुगल काल का प्रतिनिधित्व करती है

ताजमहल पति-पत्‍नी के बीच अपार प्रेम का भी प्रतीक है। ताजमहल इतना सुंदर है, कि इसे देखते ही लोगों को इससे प्‍यार हो जाता है

जिस शाहजहां ने अपनी पत्‍नी मुमताज के लिए ताजमहल बनवाया, वह उनकी तीसरी पत्‍नी थी। चौदहवें बच्‍चे को जन्‍म देने के बाद मुमताज महल की मौत हो गई थी

बताते हैं कि अपनी बीवी की माैत के बाद शाहजहां इतने टूट गए थे, कि कुछ ही दिनों में उनके बाल और दाढ़ी सफेद हो गई थी

इसके बाद उन्होंने ताजमहल का निर्माण कराया, जिसे दुनिया का अजूबा कहा जाता है

यहां मुमताज का मकबरा है, लेकिन सच तो यह है कि यहां पर शाहजहां का मकबरा भी बना हुआ है। हालांकि आज भी ताजमहल को मुमताज के मकबरे के रूप में ही जाना जाता है

ताजमहल को देखकर अनुमान लगाया जा सकता है कि इसका निर्माण यूं ही नहीं हुआ। इसके निर्माण के लिए राजमिस्त्री, अन्‍य कारीगरों को पूरे मुगल साम्राज्य, मध्‍य एशिया और ईरान से बुलाया गया था

इसके मुख्‍य वास्‍तुकार उस्ताद अहमद लाहौरी थे। ऐतिहासिक दस्तावेजों की मानें, तो ताजमहल को बनाने में 20,000 कारीगर लगे थे

ताजमहल दिन में कई बार अपना रंग बदलता है। ताजमहल सफेद संगमरमर से बना है, इसलिए जब इस पर सूरज की रोशनी पड़ती है तो यह पीले रंग का हो जाता है

वहीं शाम होते ही यह नीले रंग का दिखाई देने लगता है।

अगर आप ताजमहल को देखने के लिए जाते है तो आप इसकी खूबसूरती के कायल हो जायेगे